छोटे किसानों का ‘दोस्त’, ट्रैक्टर से तेज काम, खरीदने पर 40,000 की सब्सिडी

Agriculture Tips: मानसून सीजन आने से पहले किसान सोयाबीन, मक्का, अरहर, उड़द की बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं. अभी खेतों की जुताई कर मिट्टी पलटी जा रही है. इसके लिए बाजार में एक मशीन भी आ गई है, जो एक एकड़ का काम 2 से ढ़ाई घंटे में कर देगी. खास बाते ये कि इस मशीन को छोटे किसान भी खरीद सकते हैं. क्योंकि, कृषि विभाग अनुदान दे रहा है. इसके लिए पंजीयन करना होगा.

छोटे किसानों के लिए पावर टिलर एक अच्छा कृषि यंत्र साबित हो सकता है. इस छोटी मशीन से जुताई, बुवाई, निंदाई और बेड आसानी से बनाए जा सकते हैं. यह तीन लीटर पेट्रोल या डीजल में एक एकड़ की जुताई और बुवाई करता है. इससे ढाई घंटे का समय लगता है. इस यंत्र से काम करने पर सामान्य ट्रैक्टर की तुलना में आधे से भी कम खर्च आता है. बुंदेलखंड में इसे बेड प्लांटर भी कहते हैं.

40,000 का अनुदान

सागर उद्यानिकी विभाग के अधिकारी अशोक कुमार बलारया बताते हैं कि किसानों को समृद्ध बनाने के लिए सरकार के निर्देश पर विभाग द्वारा अलग-अलग योजनाएं संचालित की जा रही हैं. इनमें एक योजना कृषि यंत्रों पर अनुदान देना भी शामिल है. खरीफ का सीजन शुरू होने वाला है. किसान अपनी तैयारी में जुटे हैं. ऐसे में जो यंत्र खरीदना चाहते हैं, उनके लिए पावर टिलर पर 40,000 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है. यह अलग-अलग कंपनियों के आते हैं और 1,10,000 रुपये तक के होते हैं.

ऐसे मिलेगा यंत्र

इस यंत्र को सब्सिडी पर खरीदने के लिए सबसे पहले कृषि विभाग में ऑनलाइन पंजीयन करना होगा. इसके बाद योजना पर जाकर आवेदन करना होगा. इसके बाद कृषि विभाग में ब्लॉक स्तर के अधिकारी फाइल तैयार करेंगे, जो जिला मुख्यालय से होते हुए भोपाल तक पहुंचेगी और फिर यह आवेदन स्वीकृत होगा. इसके बाद सब्सिडी पर यंत्र को खरीदा जा सकता है.

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